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सरकार बैंकों की संख्या घटाकर 12 कर सकती है, ये बन रही योजना
sanjeevnitoday.com | Sunday, July 16, 2017 | 08:52:06 PM
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नई दिल्ली। केन्द्र सरकार 3-4 ग्लोबल लेवल के बड़े बैंक तैयार करने के लिए कंसॉलिडेशन (एकीकरण) के एजेंडे पर तेजी से काम कर रही है पब्लिक सैक्टर बैंक की संख्या घटाकर 12 तक सीमित करने पर विचार कर रही है। सरकार इससे जुड़े एक एजैंडे पर काम कर रही है। एक अधिकारी ने बताया कि 21 पब्लिक सैक्टर बैंकों को मध्य अवधि में 10 से 12 में समेट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि थ्री-टायर स्ट्रक्चर के हिसाब से 3 से 4 ऐसे बैंक बनाए जाएंगे जो भारतीय स्टेट बैंक जितने बड़े होंगे।

उस अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्र संबंधीc जैसे कि पंजाब और सिंध बैंक व आंध्रा बैंक स्वतंत्र बैंक के तौर पर काम करते रहेंगे। इसके अलावा कुछ मिड-लैंडर्स भी अपने ऑप्रेशन चलाते रहेंगे। पिछले महीने फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने पिछले महीने कहा था कि केंद्र सरकार पब्लिक सेक्टर के बैंकों के कंसॉलिडेशन पर सक्रियता के साथ काम कर रही है. हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए इसका ब्योरा देने से इनकार कर दिया था कि यह एक प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन है। 

SBI के मर्जर से उत्साहित फाइनेंस मिनिस्ट्री इस फाइनेंशियल ईयर में ऐसे दूसरे प्रस्तावों को मंजूरी देने पर विचार कर रही है हालांकि यह तब ही होने की उम्मीद है जब बैड लोन की स्थिति नियंत्रण में आ जाती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई.) के मुताबिक व्यवस्था में कुछ बड़े बैंक, कुछ छोटे और कुछ स्थानीय बैंक रहेंगे। उन्होंने कहा था कि सिस्टम में वैरायटी की जरूरत है। 

एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एक संभावना यह भी है कि पंजाब नैशनल बैंक (पी.एन.बी.), बैंक ऑफ  बड़ौदा, केनरा बैंक और बैंक ऑफ  इंडिया अधिग्रहण के लिए संभावित प्लेयर क़ि खोज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए ये बैंक रीजनल संतुलन, भौगोलिक पहुंच और वित्तीय दबाव व आसानी से मानव संसाधन तक पहुंच भी देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कमजोर बैंक को मजबूत बैंकों के साथ मर्ज नहीं किया जाना चाहिए। 



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