गुजरात चुनाव: आंतरिक गुटबाजी और पीएएएस की वजह से कांग्रेस की सूची में विलंब बुन्देलखण्ड को औद्योगिक हब बनाएगी योगी सरकार: मौर्य बद्रीनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद पद्मावती, आईएफएफआई विवाद पर हंसल मेहता निराश ISL 2017: गोवा एफसी ने 3-2 से चेन्नईयन एफसी को चटाई धूल व्हाट्सएप पर पोस्ट डालना अधिकारी को पड़ा महंगा, गवानी पड़ी कुर्सी गांव में हो रही है राजपाल यादव की बेटी की शादी, बैंक मैनेजर है दामाद करुणामय संसार बनाने के लिए भारत-चीन को मिलकर करना होगा काम: दलाई लामा एशियन कबड्डी चैंपियनशिप: पुरुष व महिला की टीमें घोषित, हिमालय के 4 खिलाडी शामिल विश्व शौचालय दिवस : स्वच्छ भारत मिशन ने मनाया शौचालय दिवस VVS लक्ष्मण की ड्रीम टेस्‍ट टीम घोषित, जानिए टीम के 11 सदस्य बरेली पुलिस ने अपराध होने से पहले आरोपियों को किया गिरफ्तार प्रति व्यक्ति औसत GDP के लिहाज से भारत ने लगाई छलांग, पहुंचा 126 वें स्थान पर अंडर-19 एशिया कप में पाक को हराकर अफगानिस्‍तान बना चैम्पियन जिम्बाब्वे: रॉबर्ट मुगाबे की पार्टी प्रमुख पद से की छुट्टी, एमर्सन नांगाग्वा संभालेंगे कमान सरहदी नागरिकों ने राजस्थान की तर्ज पर एंट्री टैक्स को माफ करने की मांग उठाई ऐसा होगा राजस्थान पुलिस परीक्षा का पैटर्न, पढ़िए पूरी खबर आमिर व सैफ अली खान के अलावा करीना कपूर भी है लव जिहाद का शिकार मार्च 2018 तक कोई नई नियुक्ति नहीं: एसोचैम कांग्रेस और पाटीदार नेताओं के बीच आरक्षण पर बनी सहमति, आज उम्मीदवारों की पहली लिस्ट
जानिए, असली मावा पहचानने की Tips
sanjeevnitoday.com | Wednesday, October 19, 2016 | 09:05:16 AM
1 of 1

नई दिल्ली। स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन द्वारा आज तक मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं गई है। सबसे ज्यादा मिलावट मावे की मिठाई में की जाती है।  दुकानों में अनुमान के अनुसार, दुर्गा पूजा से लेकर दीपावली तक 50 लाख रुपये से अधिक का कारोबार होता है, जिसमें से 60 से 65 फीसद मिठाईयों में मिलावट रहती है। बाजार में धड़ल्ले से मिलावटी मिठाईयां बेची जा रही हैं। मिठाईयों के गुणवत्ता की जाँच को स्वास्थ्य विभाग अपने दायरे में नहीं मानता है, और  दूसरी ओर फूड इंस्पेक्टर का कार्यालय ढूढने से नहीं मिलता है।  वहाँ न तो कार्यालय है और न ही फूड इंसपेक्टर ही है।

JAIPUR : मात्र 155/- प्रति वर्गफुट प्लाट बुक करे, कॉल -09314166166

जमुई जिले की किसी भी मिठाई दुकानों की जाँच करने फूड इंसपेक्टर आते हैं, तो किसी को पता नहीं चल पाता है। जाँच के लिए लैब नहीं रहने के कारण नमूने भी इकठ्ठे नहीं किए जाते हैं, और इसी  वजह से जमुई में मिलावटी मिठाईयों का कारोबार काफी फल-फूल रहा है।मिठाई खरीदते समय इन बातो का ध्यान देना चाहिए। मिठाई को हाथ में लेने पर रंग हाथों पर लग जाता है, तो समझ लेना वह मिठाई नकली है। मिठाइयों पर लगाए जाने वाला चादी का अर्क हाथ लगाने पर रंग छोड़ता है, तो वह भी नकली है। अगर मावे से बनी मिठाई को दोनों हाथों के बीच रगड़ने पर उसमें से चिकनाहट नहीं बाहर आती है, तो वह भी नकली मावे से बनी मिठाई है। इस तरह हम नकली मिठाई की पहचान कर सकते हैं।

चिकित्सा पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि मिठाई में अधिक चीनी की मात्रा रहने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। खराब मावा या अन्य रसायन युक्त मिठाई के सेवन से पेट से संबंधित गड़बड़ी हो सकती है। नकली मिठाई का सेवन नहीं करना चाहिए। खासकर बच्चों को इससे बचाने की आवश्यकता है। रोज लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है, दूसरी ओर जिम्मेवार लोग अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने पर लगे हैं। 

यह भी पढ़े: स्त्री में सम्भोग की इच्छा बढ़ाने के 4 सबसे आसान घरेलू उपाय...

यह भी पढ़े: दिलचस्प..! लड़कियां न्यूड होकर करती हैं तेज गाड़ियों की स्पीड को कंट्रोल…

यह भी पढ़े : खुशियां बाँट रही फीमेल डॉक्टर.. न्यूड होकर करती है इलाज, मरीजों की लगी रहती हैं लंबी कतार !

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.