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केयर्न पर IT का शिकंजा, डिविडेंड के 650 करोड़ रुपए की राशि सरकारी खजाने में होगी जमा

Sanjeevni Today 20-06-2017 08:09:36

नई दिल्ली। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ब्रिटेन की केयर्न एनर्जी पीएलसी से 10,247 करोड़ का टैक्स वसूलने के लिए कड़ी कार्रवाई चालू कर दी है। विभाग ने कंपनी की तत्कालीन भारतीय सब्सिडियरी केयर्न इंडिया के जरिए रोके गए 3 साल के डिविडेंड के 650 करोड़ रुपए की राशि को सरकारी खजाने को जमा कराने को कहा है। 

 

सूत्रों के मुताबिक विभाग ने 16 जून को धारा 226(3) के जरिए केयर्न इंडिया को नोटिस भेज कर आदेश दिया है कि उसे जो राशि डिविडेंड के रूप में केयर्न एनर्जी को भुगतान करनी है। उसे सरकारी खजाने में जमा करा दिया जाए। 


ब्रिटिश कंपनी को देय पुराने और मौजूदा डिविडेंड की राशि 10.4 करोड़ डॉलर (करीब 650 करोड़ रुपए) बनती है। यह राशि एक-दो दिन में सरकारी खजाने में ट्रांसफर की जा सकती है। अब बाकी बचे टैक्स की वसूली के लिए आयकर विभाग वेदांता इंडिया में केयर्न एनर्जी की 9.8% हिस्सेदारी को अपने नियंत्रण में लेगा। 


गौरतलब है कि पिछले हफ्ते इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन पैनल (IAP) ने केयर्न एनर्जी की अर्जी खारिज करते हुए ब्रिटिश कंपनी ने आयकर विभाग को टैक्स वसूली की कार्रवाई शुरू करने से रोकने और तीन साल के रोके गए डिविडेंड को जारी करने के लिए निर्देश की मांग की थी। IAP में केयर्न एनर्जी की चुनौती समाप्त होने के बाद आयकर विभाग ने वसूली की कार्रवाई शुरू की है। 


केयर्न एनर्जी ने 2006 में भारत में मौजूद सारी संपत्ति अपनी ही भारतीय इकाई केयर्न इंडिया को ट्रांसफर कर दी थी। आयकर विभाग की 10,247 करोड़ रुपए की टैक्स डिमांड इसी एसेट ट्रांसफर से जुड़ी है। केयर्न एनर्जी ने जनवरी 2007 में भारतीय इकाई को शेयर बाजार में लिस्ट कराया। इसके बाद 2011 में यह कंपनी वेदांता को बेच दी। लेकिन इसकी 9.8% हिस्सेदारी अपने पास रखी थी। 

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