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6,000 करोड़ रुपए की बचत होने की उम्मीद :कोल इंडिया
sanjeevnitoday.com | Friday, September 15, 2017 | 07:30:10 AM
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नई दिल्ली। सरकारी कंपनी कोल इंडिया के उपभोक्ताओं को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत सालाना 6,000 करोड़ रुपए की बचत होने की उम्मीद है। वहीं, पिछले तीन सालों में कोयला उत्पादन में वृद्धि होने से कम आयात के कारण विदेशी मुद्रा में 25,900 करोड़ रुपए की बचत हुयी है। कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन गोपाल सिंह ने सालाना आम बैठक में कहा कि पिछले तीन सालों में कोयला उत्पादन में काफी वृद्धि हुयी है, जिससे देश के लिए होने वाले आयात में 25,900 करोड़ रपये की बचत हुयी है। उन्होंने बताया कि 2015-16 में देश की कुल उपभोग का 25 प्रतिशत और 2016-17 में 23 प्रतिशत कोयला आयात किया गया।

 

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भविष्य में कोयला की मांग को...
वहीं, कोल इंडिया के निदेशक (वित्त) सी के डे ने शेयरधारकों को बताया कि कंपनी पर जीएसटी का प्रभाव है। हमने अनुमान लगाया है, स्थानीय ब्रिकी पर कर की दर में लगभग 5 प्रतिशत की कमी और अंतरराज्यीय बिक्री पर कर में करीब तीन प्रतिशत की कमी हुयी है। कर की दरों में कटौती से ग्राहकों को सालाना 6,000 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा।
हाल ही में केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कम से कम एक दर्जन से अधिक तापीय विद्युत संयंत्रों में कोयला भंडार दयनीय स्थिति में है। सिंह ने भविष्य में कोयला की मांग को पूरा करने और आयात को कम करने के लिए घरेलू भंडार के इस्तेमाल पर जोर दिया।

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 ऊर्जा आपूर्ति में कोयले कितना हिस्सा...
सिंह ने कहा कि 2015-16 में देश की वाणिज्यिक प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति में कोयले का हिस्सा 55 फीसदी था और 2040 तक यह 48-54 फीसदी तक रहने का अनुमान है। कोल इंडिया ने 2022 तक सालाना एक अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने 2016-17 में 55.41 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया था, जबकि इसी अवधि में 54.32 करोड़ टन कोयले का उठाव हुआ था। वहीं, दूसरी ओर कोल इंडिया ने कहा कि नई धातुओं और खनिजों में विविधीकरण से कोयले का उत्पादन लक्ष्य बाधित नहीं होगा। कोल इंडिया नये खनिजों और धातुओं जैसे लौह अयस्क, निकल, बॉक्साइट और तांबा खनन पर विचार कर रहा थी। इस बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। यह दो अलग कार्यक्षेत्र हैं। कोल समूह अपना काम करेगा वहीं नये समूह को नई क्षेत्र में ध्यान देना चाहिए। हम कंपनी को बढ़ाना चाहता है और कई योजनाओं पर काम कर रहे हैं। हम इस पर अगली बार ज्यादा जानकारी के साथ वापस आयेंगे।

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