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GST लागू होने से देश में नजर आने लगे फायदे
sanjeevnitoday.com | Saturday, August 12, 2017 | 04:45:31 PM
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नई दिल्ली। शराब और रियल एस्टेट को वस्तु एवं सेवा कर के दायरे में लाने से देश में भ्रष्टाचार में कमी आएगी। सरकार के नीतिगत दस्तावेज ‘आर्थिक सर्वे 2016-17’ में इसकी वकालत की गयी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को आर्थिक सर्वे का भाग-दो लोकसभा में पेश किया।

सर्वे में कहा गया है कि शराब, पेट्रोलियम उत्पाद, बिजली, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। सर्वे में इसे चुनौतियों के रूप में पेश किया गया है। सर्वे में कहा गया है कि शराब और रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने से देश में भ्रष्टाचार में कमी आएगी। इसी तरह सर्वे में बिजली को भी जीएसटी के दायरे में लाने की वकालत की है ताकि इससे भारतीय उद्योगों को बिजली पर टैक्स चुकाने के एवज में इनपुट क्रेडिट की सुविधा का लाभ भी मिल सके।

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खास बात यह है कि सर्वे में सोने पर तीन प्रतिशत जीएसटी की दर को काफी कम बताया गया है। सर्वे में कहा गया है कि सोने का इस्तेमाल संपन्न वर्ग करता है, इसलिए इसे बढ़ाना उचित रहेगा। सर्वे में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी परोक्ष रूप से जीएसटी के दायरे में लाने की वकालत की गयी है। इसमें कहा गया है कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल संपन्न वर्ग आम तौर पर अधिक करता है। इसलिए इसे जीएसटी से बाहर रखना तर्कसंगत नहीं है।

सर्वे में कहा गया है कि जीएसटी लागू होने के शुरुआती फायदे नजर आने लगे हैं। जीएसटी से करीब साढ़े तेरह लाख नए असेसी इस परोक्ष कर के दायरे में आए हैं।

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