ये बेहतरीन और आसान रंगोली डिजाइन कर सकते हैं आपकी दिवाली को रंगीन दीपावली विशेष : जानिए, मां लक्ष्मी और गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त दीपावली विशेष : क्या आपको पता है दीवाली शब्द की उत्पति कहा से हुई है ? हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट उपराष्ट्रपति की जयपुर यात्रा की तैयारियों को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक टीम इंडिया ने ऐसे मनाया पांड्या का बर्थडे, वीडियो देख कर हंसी के मारे हो जाओगे लोट पॉट आज बाजार का हीरो रहा रिलायंस इंडस्ट्रीज, निवेशकों ने कमाए 27000 करोड़ ... SBI ने पेश किया दिवाली ऑफर, मुफ्त में दे रहा है Mi Max 2 दिवाली से एक दिन पहले सोने की कीमतों में 290 रुपए की हुई बढ़ोतरी अयोध्या में 2019 तक राम मंदिर बनने के योगी आदित्यनाथ ने दिए संकेत युवराज सिंह पर उनकी भाभी ने लगाया घरेलू हिंसा का आरोप, कराया केस दर्ज यहां दहकते हुए अंगारों पर चलकर भक्तों ने किए माता के दर्शन VIDEO : हर्षिता मर्डर केस में नया खुलासा, बहन ने कहा -जीजा ने करवाया हर्षिता का कत्ल संसार के सबसे महंगे गणपति, कीमत सुनकर आप रह जाएंगे हैरान बिना जांच किए कैंसर के बारें में पता लगा लेती है ये औरत वीडियो : हर्षिता को पहले फेसबुक पर मिली थी धमकी, जवाब में कहा था- 'मैं जाटनी हूं डरती नहीं’ Railway crossing पर ट्रैक्टर से टकराई शताब्दी एक्सप्रेस, ट्रैक्टर चालक घायल VIDEO : सपना को टक्कर देने वाली हर्षिता दहिया की गोली मारकर की हत्या Salesgirls के मोबाइल फोन से चुराए फोटो-वीडियो, फिर करने लगा Blackmail विशेष लेख : हिन्दू संस्कृति, दीपावली और पटाखे
अब पहले जैसी नहीं होगी कैश की उपलब्धता!
sanjeevnitoday.com | Thursday, December 1, 2016 | 11:15:58 AM
1 of 1

मुंबई। नोटबंदी के बाद अब आप अपने घर पर पहले जितना कैश नही रख सकेंगे। अगर आप जानना चाहते हैं कि आरबीआई सिस्टम में कितना कैश रखना चाहता है तो इसके लिए 23 जून 2016 को आई ‘पेमेंट ऐंड सेटलमेंट सिस्टम्स इन इंडिया विजन 2018’ रिपोर्ट पर एक नजर डालिए। इसमें लिखा है कि आरबीआई समाज के सभी वर्गों के बीच इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट्स को बढ़ावा देना चाहता है ताकि देश को ‘कैशलेस सोसायटी’ में बदला जा सके।

इसके साथ ही इसमें यह भी लिखा है कि सेंट्रल बैंक करंसी नोट की सप्लाई कम करेगा और आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देगा। बैंकों को लग रहा है कि 8 नवंबर की नोटबंदी से पहले सिस्टम में जितना कैश था, अब यह उससे काफी कम रहेगा। डी-मॉनेटाइजेशन से पहले 17.6 लाख करोड़ करेंसी होने का अनुमान था। आगे चलकर इससे एक तिहाई कैश रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। 

आरबीआई की सोच से वाकिफ एक बैंकर ने बताया की अगर नोटबंदी का मकसद नोटों का सर्कुलेशन कम करना है तो पहले जितनी करंसी सप्लाई की उम्मीद करना फिजूल की बात है। अगर लोगों को लगता है कि आरबीआई कैश सप्लाई पहले की तरह करने जा रहा है तो वे गलत साबित होंगे। भारत में करंसी इकनॉमी जीडीपी का 12 पर्सेंट है, जो बहुत अधिक है। इससे न सिर्फ करप्शन, बल्कि बड़े स्तर पर टैक्स चोरी का भी पता चलता है।

मलेशिया में कैश इकनॉमी 8 पर्सेंट, अमेरिका में 7.8 पर्सेंट और मेक्सिको में 6.7 पर्सेंट है। तो नोटबंदी कैंपेन खत्म होने के बाद सिस्टम में कितना कैश अवलेबल होगा? इसका जवाब तो आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ही दे सकते हैं। हालांकि, एक अनुमान के मुताबिक शुरू में यह जीडीपी के 8.5-9 पर्सेंट तक रह सकता है। इस बारे में एसबीआई के चीफ इकनॉमिस्ट एस के घोष ने बताया की हमें लगता है कि कैश टु जीडीपी रेशियो 8 पर्सेंट पर स्टेबल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में भारत अमेरिका से बेहतर पोजीशन में आ सकता है। पब्लिक को लग रहा है कि आरबीआई और सरकार ने नोटबंदी के लिए पूरी तैयारी नहीं की थी, लेकिन अब लग रहा है कि सिस्टम में कैश कम करने के लिए सोच-समझकर योजना पर काम हो रहा है। इसलिए दोनों ने डिजिटल पेमेंट पर काफी जोर दिया है। लेकिन दोनों यह सच क्यों नहीं बता रहे हैं?

अगर सरकार और रिजर्व बैंक ये कहते हैं कि वे पहले की तुलना में दो तिहाई या आधी करेंसी ही रिलीज करेंगे तो अफरातफरी बढ़ जाएगी। इस मामले में कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के सुवोदीप रक्षित ने बताया की इकनॉमिक एक्टिविटी के नॉर्मल लेवल पर आने के बाद कैश इन सर्कुलेशन भी सामान्य हो जाएगा। लॉन्ग टर्म में कैशलेस इकनॉमी की तरफ बढ़ने और महंगाई दर में कमी से अधिक नकदी की जरूरत भी नहीं रह जाएगी।

यह भी पढ़े: दुनिया के सबसे ठंडे महाद्वीप में पानी नहीं बल्कि बहता है खून, छिपे हैं कई राज

यह भी पढ़े: रातों रात करोड़पति बना यह गांव... जानिए इसकी वजह!

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप

यह भी पढ़े: नोटबंदी के बीच आईएएस अफसरों ने सिर्फ 500 रूपये में रचाई शादी

 



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.