आक्रामक कप्तान पॉन्टिंग की तरह कोहली: माइक हसी एसएमएस हॉस्पिटल में अब मिलेगी वाई-फाई की सुविधा: कालीचरण सराफ Twitter king बने बराक ओबामा, इतने लाइक्स नहीं बंटोरे किसी ने भी राष्ट्रपति की पत्नी ग्रेस मुगाबे ने एक मॉडल पर किया जानलेवा हमला Box Office collection: टॉयलेट एक प्रेम कथा' की कमाई 130 करोड़ के पार ताइवान में पावर कट के कारण ताइवान मंत्री को देना पड़ा इस्तीफा Alert: चीनी मोबाइल कंपनियां चुरा रही है अपना निजी डाटा, सरकार ने भेजा नोटिस VIDEO: हजारों लोगो के सामने झूमकर नाचीं ये भाजपा महिला विधायक स्टंटबाज महिला मौत के कुएं करतब दिखा रही, हुआ हादसा बाल-बाल बची जान श्रीलंका वनडे टीम की कमान संभालेंगे उपुल थरंगा त्रिपुरा CM के भाषण प्रसारण पर बवाल, DD-एआइआर ने किया इन्कार राजस्थान में विविद्यालय एवं महाविद्यालय में 28 अगस्त 8am to 1pm तक मतदान होगा वर्ल्ड कप 2019 की टीम चयन में फिटनेस को दी जाएगी तरजीह: रवि शास्त्री 81 लाख आधार डिएक्टिव, इसमें आपका है या नहीं, चेक करने के लिए यहां क्लिक करे स्टंटबाज महिला मौत के कुएं करतब दिखा रही, हुआ हादसा बाल-बाल बची जान जिन मदरसों में नहीं हुआ राष्ट्रगान उन पर NSA एक्ट के तहत गिरेगी गाज तीन युवकों ने बाइक पार्किंग को लेकर एक युवक को चाकू मारकर कर दी हत्या SA टीम की बड़ी मुश्कलें, अमला भी कर सकते है कॉलपेक डील साइन ..आखिर पाक कब तक करेगा ऐसी 'नापाक हरकते', पुंछ में की गोलाबारी इस कुंए के अंदर से निकलती है रोशनी, जानिए रहस्य
12 बड़े कर्जदारों के खिलाफ 1 महीने के अंदर करे मामला दर्ज
sanjeevnitoday.com | Tuesday, June 20, 2017 | 08:40:37 AM
1 of 1

नई दिल्ली।  आज यानि सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने उन खातों की पहचान की है जो बैंकों का 2 लाख करोड़ रुपए दबाए बैठे है। इन 12 कंपनियां पर 1 महीने के अंदर मामला दर्ज करें। राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्राइब्युनल ये देखेगा कि इन कंपनियों से पैसा वसूली का कोई रास्ता निकल सकता है या इन्हें बेचकर ही वसूली की जा सकती है। नीति आयोग मानता है कि सख्त कार्रवाई जरुरी है।

 

समिति के चेयरमैन टी हक के मुताबिक बैंकों को दोषी कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी है जिससे आगे के समय में करज़ न चुकाने वाला डरें। पिछले कई दिनों से बैंकों की एनपीए- यानी डूबेई पैसे- को लेकर देश भर में बहस चल रही है। बैंकों की कुल 8 लाख करोड़ रुपये कंपनियों के पास फंस गए हैं
इन कंपनियों के पास 500 कंपनियों का पता लगाया गया है, इनमें से 12 कंपनियां करीब दो लाख करोड़ हैं।

टी हक कहते हैं कि भारत सरकार के पास कोई राष्ट्रीय स्तर पर नीति है। एनपीए के खिलाफ कड़े कार्रवाई करने के लिए हक कहते हैं कि सरकार को नए नियमों को बनाने से, जिससे NPA की समस्या दोबारा खड़े हो और बैंकों से ऋण लेने के लिए नियम और सख्त बने रहें।

रिटेल बैंक ने जिन खातों की पहचान की है उनमें एमटेक ऑटो पर 14,074 करोड़ रुपये, भूटान स्टील पर 44,478 करोड़ रुपये, एस्सार स्टील पर 37,284 करोड़ रुपये, भूस पावर एंड स्टील पर 37,248 करोड़ रुपये, आलोक इंडस्ट्रीज पर 22,075 करोड़ रुपये, मॉनेट स्टील पर 12,115 करोड़ रुपये और लैंको इन्फ्रा पर 44,364.6 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है। इस सूची में अन्य कंपनियों में इलेक्ट्रोस्टाइल स्टील्स पर 10,273.6 करोड़ रुपये, आईआरए इन्फ्रा पर 10,065.4 करोड़ रुपये, जेपी इन्फ्राटेक पर 9,635 करोड़ रुपये, एबीजी शिपयार्ड पर 6,953 करोड़ रुपये और ज्योति स्ट्रक्चर पर 5,165 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है।



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.