संजीवनी टुडे

बीस साल बाद भारत में प्रस्तुति देगा चीन का सबसे बड़ा कला समूह

संजीवनी टुडे 07-01-2020 18:25:28

भारत चीन राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर इस साल राजधानी में चीनी नववर्ष का आयोजन पहले से भव्य होगा और चीन का सबसे बड़ा ललित कला समूह 20 साल बाद पुन: भारत की धरती पर अपने अनूठी प्रस्तुति को लेकर आ रहा है।


नई दिल्ली। भारत चीन राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर इस साल राजधानी में चीनी नववर्ष का आयोजन पहले से भव्य होगा और चीन का सबसे बड़ा ललित कला समूह 20 साल बाद पुन: भारत की धरती पर अपने अनूठी प्रस्तुति को लेकर आ रहा है। सीरीफोर्ट सभागार में 10 जनवरी को शाम साढ़े छह बजे चाइना ओरिएन्टल परफॉर्मिंग आर्ट्स ग्रुप देश की विविधता पूर्ण संस्कृति के दस अलग-अलग रंगाें वाली दस छोटी प्रस्तुतियों की एक नृत्य एवं गीत माला ‘दि स्प्लेंडर ऑफ चाइना’ पेश करेगा। इस मौके पर भारत में चीन के राजदूत सुन वीडोंग भी उपस्थित होंगे। भारत में चीन के दूतावास में सांस्कृतिक काउंसलर झांग चियानशिन ने यहां संवाददाताओं को बताया कि वर्ष 2020 भारत एवं चीन के रिश्तों में बहुत खास है। 

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हम अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस मौके पर दोनों देश 70 विशिष्ट कार्यक्रमाें का आयोजन करेंगे जिनमें 35 कार्यक्रम भारत में और 35 कार्यक्रम चीन में आयोजित किये जाएंगे। दस जनवरी का कार्यक्रम भी इन्हीं में से एक है। श्री झांग चियानशिन ने कहा कि चीन का नव चंद्र वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाएगा। इससे पहले नयी दिल्ली में सीरी फोर्ट सभागार में चीनी नववर्ष के मौके पर देश का सबसे बड़ा सांस्कृतिक एवं ललित कला समूह एक अनूठी प्रस्तुति के साथ भारतीय दर्शकों के सामने आएगा।

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यह समूह 20 साल बाद भारत आ रहा है। इससे पहले वर्ष 2000 रिपीट 2000 में भारत-चीन राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर इसी समूह ने यहां प्रस्तुति दी थी। ‘दि स्प्लेंडर ऑफ चाइना’ प्रस्तुति चीन के सफेद एवं नीले चीनी मिट्टी के रंगों, चाय की रस्म, बांस, सुलेख, चित्रकारी, पारंपरिक चीनी औषधि आदि पर आधारित है। इन तत्वों को निरुपित करने के लिए भावप्रण नृत्य का सहारा लिया गया है जिसमें कुलीनता एवं आधुनिकता दोनों का समावेश है। इन्हें दस अलग-अलग छोटी नृत्य प्रस्तुतियों की एक माला में पिरोया गया है और ये सभी प्रस्तुतियां एक काव्यधारा के रूप में प्रवाहित होती दिखेंगी।

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