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वार्षिक हो या अर्धवार्षिक परीक्षा, कुत्ते बिल्लियों से होगा तनाव काम...जाने कैसे
sanjeevnitoday.com | Tuesday, November 29, 2016 | 08:02:28 PM
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नई दिल्ली। परीक्षाओं का मौसम आते ही, छात्रों और अभिवावकों के चहरों के रंग फीके पड़ने लगते हैं। साल भर स्कूल के क्रिया  कलापों के बाद, शुरू होता है वार्षिक परीक्षाओं का सिलसिला, जो पूरे साल में छात्रों द्धारा प्राप्त किये गए ज्ञान का मूल्यांकन करते हैं। कॉम्पिटिशन की दौड़ में, परीक्षाओं का आगमन छात्रों के ऊपर तनाव बढ़ा देता है। इस तनाव को कम करने के लिए मनोवैज्ञानिक अनेक उपाय सुझाते हैं। तनाव को कम करने के प्रयास लंकाशायर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने एक आशा की किरण दिखाई है। जो कुछ नन्हे, सुन्दर जीवों के रूप में सामने आती है, जिनकी स्पर्श किसी भी कठोरहृदय इंसान के दिल में भी प्यार जगा दें।

कुत्तों के साथ मस्ती से तनाव दूर 

जब आप इन नन्हें प्यारे पिल्लों की आँखों में देखते हैं, तो आप महसूस करते हैं कि यक़ीनन आपका तनाव कम हो रहा है। इन प्यारे पिल्लों से भरे कमरे में समय बिताने की कल्पना मात्र भी आपको सुकून देती है। इस कॉन्सेप्ट को ध्यान में रखते हुए एक चैरिटेबल संस्था यूनि संघ द्धारा कुत्तों के साथ खेलकर मस्ती करते हुए, छात्रों के तनाव को दूर करने का प्रयास किया। जापान में किये गए शोधों के आधार पर सुन्दर वस्तुओँ और नन्हें जीवों के चित्र  ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं। संघठनकर्ताओं के अनुसार "प्रोजेक्ट के दौरान इन नन्हें पिल्लों के देखभाल और छात्रों की सुरक्षा हमारी सबसे पहली जिम्मेदारी होगी, इनके केयर टेकर भी एक्टिविटी के दौरान साथ रहेंगे। 3 घंटे के इस तनाव मुक्त सेशन के मध्य निश्चित समय पर, पिल्लों को ब्रेक भी दिया जाएगा। यूनि संघ ने बताया कि "इन पिल्लों के लिए विशेष कमरों का प्रबन्ध किया गया है, जिसमें चुनिंदा छात्रों को निर्धारित समय के लिए प्रवेश दिया जाएगा। इस विधि से इन नन्हें प्राणियों को लोगों के साथ रहने का मौका मिलेगा, जो इनको सफल 'गाइड डॉग' बनने की ट्रेनिंग में लाभदायक साबित होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार जब हम इन जीवों की आँखों में देखते हैं, हमारे शरीर में कुछ अलग तरह के केमिकल बनने शुरू हो जाते हैं, जो हमारे भावों में परिवर्तन लाकर, हमारे तनाव को कम करने में सहायक सिद्ध होते हैं

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