loading...
Pics: पति के साथ देखें सनी का बोल्ड अवतार Live INDvsAUS: ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 285 रनों पर ऑल आउट, भारत को मिला 440 रनों का लक्ष्य प्रियंका ने संजय लीला भंसाली को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं MCD चुनाव 2017: आम ने जारी की 109 उम्मीदवारों की सूची मैं ‘फर्जी खबरों’ के खिलाफ हूँ, प्रेस की आजादी के खिलाफ नहीं: Trump Snapdeal में शुरू हुआ छटनी का दौर,मची हलचल मिसबाह ने अभी तक नहीं किया कप्तानी छोड़ने फैसला, यूनिस खान ने की दावेदारी पेश Pics: इस टीवी एक्ट्रेस की बेटी ने करवाया बोल्ड फोटोशूट बंदूक की गोलियों से कुछ हासिल नहीं होगा: फारूक अब्दुल्ला केंद्र सरकार मार्च में लागू करेगी ईपीएफओ आवास योजना 7वां वेतन आयोग : राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी किम जोंग नम की हत्या जिस जहर से की वह संयुक्त राष्ट्र सामूहिक विनाश के हथियार की श्रेणी में जाता है गिना! बॉलीवुड के इस शानदार कपल की शादी को हुए 18 साल पूरे सुप्रीम कोर्ट ने राज्य क्रिकेट संघों से एक मार्च तक मांगी अनुपालन की रिपोर्ट क्रैश टेस्ट में पास हुई मारुति सुजुकी की ये नई कार BMC चुनाव 2017: BJP को चित करने के लिए शिवसेना ने अंदरखाने शुरू की कांग्रेस से सौदेबाजी नायक मोहिउद्दीन राठेर को हजारों नम आंखों ने दी विदाई! शांता रंगास्वामी ने महिला क्रिकेट को लेकर सीओए को लिखा पत्र भारत-इजरायल मिलकर बनाएंगे मिसाइल, 17000 करोड़ के सौदे को मिली हरी झंडी Video: देखिए ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ का गाना ‘आशिक सरेंडर हुआ’
अनोखी बच्ची: ये बच्ची बचपन से खाती है, कांच, लोहा और प्लास्टिक!
sanjeevnitoday.com | Monday, November 28, 2016 | 02:37:43 PM
1 of 1

उन्नाव। 'भूख न जाने जाति और पाति' यह कहावत उन्नाव मे 8 साल की बच्ची रीता के ऊपर सच हुई, जब बचपन में मां के मरने के बाद और गरीबी झेल रहे पिता द्वारा भरपेट खाना न दे पाने के बाद ही रीता अपनी भूख बर्दाशत नही कर पायी और एक अनोखी बच्ची बन कर उभरी। 

रीता 8 साल की हो चुकी है और अब वह कांच, लोहा, प्लास्टिक ऐसे खाती है जैसे वह उसके खाने का एक हिस्सा बन गया हो वहीं पूरी तरह स्वस्थ रीता को देख ग्रामीण हैरानी जताते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्नाव के चकलवंसी गांव के मजरे मे रहने वाली रीता भले ही 8 साल की हो गई है और लोहा, कांच, प्लास्टिक उसके खाने का हिस्सा बन चुका है लेकिन यह रीता का शौक नही बल्कि यह उसकी मजबूरी थी जो आदत मे बदल गई है। 

रीता जब 4 साल की थी तो उसकी माँ के देहान्त के बाद गरीब पिता रोटी के जुगाड़ मे जुट गया और भूख से बिलबिलाई रीता ने प्लास्टिक,लोहा और कांच खाना शुरू कर दिया फिर क्या था जब भी रीता को भूख का एहसास होता तो वह कूड़े के ढेर की तरफ बढ़ जाती और लोहा, कांच और प्लास्टिक खाकर अपनी भूख मिटाती रही। 

रीता की दादी, छेदाना ने कहा कि मां के मरने के बाद रीता का पूरी तरह ख्याल न रख पाने का मलाल मेरे मन मे भी है, और मैं इस बात को मान रही हूं कि आज जो रीता की आदत बन चुकी है उसके लिए उसकी देखभाल मे कमी एक बड़ी वजह है और पड़ोसी सुरेन्द्र ने बताया कि, जहां पिता रोजी रोटी की आस में घर से बाहर घूमता रहता था, तो वही रीता भूख मिटाने के लिए लोहा, ब्लेड और प्लास्टिक के कैसेट खाकर अपना गुजारा करती थी।

यह भी पढ़े: ...तो लडकिया इस समय सबसे ज्यादा सोचती है सेक्स के बारे में

यह भी पढ़े: मनुष्यों के लिये अंग उगाएगी छिपकली की पूंछ!

यह भी पढ़े: चमत्कारी स्प्रे, इसे लगाने के बाद खिंची चली आएंगी लड़कियां..!

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.