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OMG: इस औरत को ये कैसी बीमारी, धीरे-धीरे बन रही हैं पत्थर!
sanjeevnitoday.com | Tuesday, June 20, 2017 | 05:02:59 PM
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नई दिल्ली। अगर आपको यह सुनने को मिले कि एक महिला धीरे-धीरे पत्थर की बनती जा रही है और उसे पता है कि एक दिन मृत्यु निश्चित है और उसे दर्द भी काफी होता है इसके बावजूद वह जिंदगी का हर पल दिल खोलकर जीना चाहती है। आज दुनिया में एक से एक बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं। कई बीमारियों का इलाज तो वैज्ञानिक आज भी नहीं खोज पाए हैं। 

 

दुनिया में आपने इबोला, कैंसर, एडस आदि लाइलाज बीमारियों के बारे में सुना होगा लेकिन यह तो उससे भी खतरनाक है क्योंकि इन बीमारियों का दर्द कम करने के लिए दवाइयां तो उपलब्ध है लेकिन इसके लिए तो कोई दवाई उपलब्ध नहीं है। सोचो वह उस दर्द को कैसे सहती होगी। यह मामला है 32 साल की एशले कर्पील का जो फाइब्रोडिसप्लासिया ऑसिफिकन्स प्रोग्रेसिवा नाम की बीमारी से जूझ रही हैं। 

इसके कारण इसका शरीर धीरे-धीरे पत्थर जैसा क़डक होता जा रहा है। दु:ख की बात यह है कि इसका कोई इलाज भी नहीं है। एशले का दायां हाथ और कंधा पहले ही काटा जा चुका है और अब इन्हें चलने फिरने में भी बहुत दिक्कत होती है क्योंकि इसका दर्द असहनीय है। इस बीमारी के कारण इनकी मांस पेशियां हड्डियों की तरह कड़ी होती जा रही हैं। 

बीमारी न केवल मांस पेशियों पर बल्कि शरीर के लिगामेंट और टिशू पर भी भारी असर डाल रही है। छोटी सी भी चोट इस बीमारी को और बढ़ा सकती है। लेकिन इन सब के बावजूद वे अपनी जिंदगी पूरे जोश के साथ जीती हैं। वो कहती हैं, मैं एक जीता जागता कंकाल बनती जा रही हूं। मुझे नहीं पता मैं कितने दिन चल फिर पाउंगी इसलिए मैं हर लम्हा जीना चाहती हूं। एशले सफिंग की काफी शौकीन हैं और हर साल पानी में स्केटबोर्ड की सवारी करने जरूर जाती हैं। 

उन्हें दुनिया घूमना पंसद है और लोगों से मिलकर उन्हें खुशी होती है। यहां तक कि वे दलाई लामा से भी मिल चुकी हैं। वे अपने जैसे और मरीजों के परिवारों से भी मिलती हैं, उनकी परेशानियां सुनती हैं और उनके सवालों के जवाब देती हैं। वे जब सिर्फ ढाई साल की थीं जब उनकी इस बीमारी का पता चला था। डॉक्टरों को लगा था कि उन्हें ट्यूमर है लेकिन जल्द ही वे असली समस्या पहचान गए। 



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