ये बेहतरीन और आसान रंगोली डिजाइन कर सकते हैं आपकी दिवाली को रंगीन दीपावली विशेष : जानिए, मां लक्ष्मी और गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त दीपावली विशेष : क्या आपको पता है दीवाली शब्द की उत्पति कहा से हुई है ? हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट उपराष्ट्रपति की जयपुर यात्रा की तैयारियों को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक टीम इंडिया ने ऐसे मनाया पांड्या का बर्थडे, वीडियो देख कर हंसी के मारे हो जाओगे लोट पॉट आज बाजार का हीरो रहा रिलायंस इंडस्ट्रीज, निवेशकों ने कमाए 27000 करोड़ ... SBI ने पेश किया दिवाली ऑफर, मुफ्त में दे रहा है Mi Max 2 दिवाली से एक दिन पहले सोने की कीमतों में 290 रुपए की हुई बढ़ोतरी अयोध्या में 2019 तक राम मंदिर बनने के योगी आदित्यनाथ ने दिए संकेत युवराज सिंह पर उनकी भाभी ने लगाया घरेलू हिंसा का आरोप, कराया केस दर्ज यहां दहकते हुए अंगारों पर चलकर भक्तों ने किए माता के दर्शन VIDEO : हर्षिता मर्डर केस में नया खुलासा, बहन ने कहा -जीजा ने करवाया हर्षिता का कत्ल संसार के सबसे महंगे गणपति, कीमत सुनकर आप रह जाएंगे हैरान बिना जांच किए कैंसर के बारें में पता लगा लेती है ये औरत वीडियो : हर्षिता को पहले फेसबुक पर मिली थी धमकी, जवाब में कहा था- 'मैं जाटनी हूं डरती नहीं’ Railway crossing पर ट्रैक्टर से टकराई शताब्दी एक्सप्रेस, ट्रैक्टर चालक घायल VIDEO : सपना को टक्कर देने वाली हर्षिता दहिया की गोली मारकर की हत्या Salesgirls के मोबाइल फोन से चुराए फोटो-वीडियो, फिर करने लगा Blackmail विशेष लेख : हिन्दू संस्कृति, दीपावली और पटाखे
सिर्फ इशारो से होती है बातें है इस गांव में, सात पीढियो से चल रहा रिवाज
sanjeevnitoday.com | Tuesday, November 29, 2016 | 09:23:52 AM
1 of 1

इंडोनेशिया। इंडोनेशिया में एक गांव हैं बेंगकला। इस गांव के लोग पिछली सात पीढ़ियों से मुंह से बोलने की बजाए हाथों के इशारों से ही बातें करते हैं। इस गांव के लोगों को डीफ विलेज के नाम से भी जाना जाता है। साथ ही हैरान करने वाली बात ये भी है कि गांव के रहने वाले ही नहीं, बल्कि यहा कं कई ऑफिस में भी इसी तरह से इंडोनेशिया में एक गांव हैं बेंगकला। इस गांव के लोग पिछली सात पीढ़ियों से मुंह से बोलने की बजाए हाथों के इशारों से ही बातें करते हैं। इस गांव के लोगों को डीफ विलेज के नाम से भी जाना जाता है।

ऑफिस में भी इसी तरह से हाथों के इशारों से ही कार्य
साथ ही हैरान करने वाली बात ये भी है कि गांव के रहने वाले ही नहीं, बल्कि यहा कं कई ऑफिस में भी इसी तरह से हाथों के इशारों से ही कार्य चलता है। बाहरी लोग यहां कम ही आते हैं। इसलिए स्थानीय लोग ही यहा की सारी व्यवस्था संभालते हैं। बताया जाता है कि इस सांकेतिक भाषा को काटा कोलोक कहा जाता है। यह सांकेतिक भाषा सैकड़ों साल पुरानी है। इस गांव के अधिकतर लोग बोलने और सुनने में सझम नही हैं और ये समस्या यहां सामान्य से पंद्रह गुना ज्यादा है। यहां के बच्चे जन्म से ही सुनने और बोलने की बीमारी से ग्रस्त होते हैं। यहां कि भौगोलिक स्थिति को इसका कारण बताया गया है।

यह भी पढ़े : लापरबाही के कारण बिल्ली की मौत, महिला ने डॉक्टर पर ठोका ढाई करोड़ का मुकदमा..!

यह भी पढ़े : 68 की उम्र में कर रहा है 9वीं शादी वो भी 28 साल की लड़की से ... ऐसे शुरू हुई कहानी

यह भी पढ़े: गर्लफ्रैंड के गालों के रंग से जानिए वो कितनी लकी है आपके लिए..!

यह भी पढ़े : ताज़ा और रोचक ख़बरों से जुड़े रहने के लिए डाउनलोड करें हमारा एंड्राइड न्यूज़ ऍप



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.