शरीर को स्वस्थ बनाना इसका मूल मंत्र है। स्पा मकान मालिक की बेटी से मैनेजर ने किया दुष्कर्म इंदु सरकार पर संकट के बादल, लग सकती है रिलीज पर रोक केले खाने से होते है ये 35 गजब के फायदे... श्रीलंका टीम को झटका, फील्डिंग के दौरान गुणरत्ने के बाएं हाथ के अंगूठे में लगी चोट, सीरीज हुए बाहर मरीज को राहत पहुंचाने वाली व्यवस्था खुद बीमार गाले टेस्ट में लगी रिकॉर्ड की झड़ी, भारतीय टीम मजबूत स्थिति में इस देश में लड़कियों की जांघो पर विज्ञापन स्वस्थ, मस्त, जबर्दस्त रहने के लिए अपनाये ये खान-पान और जीवन शैली पूरी लगन और निष्ठा के साथ करें अपना कार्य: कौल सिंह ठाकुर बिंगो कंपनी ने लॉन्च किए एफ1 और एफ2 फिटनेस बैंड जो देंगे आपको बेहतर जीवनशैली लड़की के इन शारीरिक संकेतो से समझे कि वो आपसे क्या चाहती है जाने: बारिश के मौसम में फिट रहने के आसान तरीके श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना सराहनीय कार्य पापा मम्मी के साथ तैमूर अली खान निकले स्विट्जरलैंड में वेकेशन मनाने छात्रों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए रैली निकाली अक्षय कुमार को बेटी नितारा ने मारी ऐसी लात कि हिल उठे बॉलीबुड के खिलाडी शिविर में177 दिव्यांग छात्र छात्राओं का स्वास्थ्य जांचा वेतन न मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष उद्यमिता राजस्थानियों के डीएनए में, जो देश नहीं विदेशो में भी है सफल: राजे
यहां पर अजीब बीमारी के साथ पैदा हुई बच्ची, देखने वालों की लगी भीड़
sanjeevnitoday.com | Monday, July 17, 2017 | 03:57:44 PM
1 of 1

नई दिल्ली। कई बार जन्म से किसी बीमारी से ग्रस्त बच्चे पैदा होते है और कई बार तो समाज इन्हें अपनाने से भी मना कर देता है। ऐसा ही एक मामला मुंबई में भी सामने आया है, जहां 2 हफ्ते की एक मासूम बच्ची अजीब तरह की बीमारी से जूझ रही है। इस बच्ची की त्वचा पैदाइशी ही किसी बूढी महिला जैसी है। इसके शरीर पर झुर्रियां हैं और यह बहुत पतली है। 

 

मां-बाप ने इस बच्ची को अपनाने से मना कर दिया है। बच्ची की मां ममता डोडे ने इसे अपना दूध तक नहीं पिलाया। दरअसल, यह बच्ची इंट्रा-यूट्रीन ग्रोथ रिटार्डेशन नाम की बीमारी से ग्रसित हैं। मुंबई के वाडिया अस्पताल में बच्ची का इलाज चल रहा है। इसका वजन 800 ग्राम है और यह 7 महीने में ही पैदा हुई प्रीमेच्योर बच्ची है।

यह भी पढ़े: वीडियो: असामाजिक तत्वों से परेशान होकर इस अबला औरत ने समाज से मांगी न्याय की भीख

बच्ची की देखभाल की जिम्मेदारी अब इसके बाबा दिलीप डोडे ने उठाया है। वे अकेले ही इसे मुंबई से 138 किमी दूर अपने गांव से इलाज कराने के लिए लाए। बच्ची को जिंदा रखने के लिए बकरी का दूध पिलाया जा रहा है। दिलीप ने बताया कि गांव के सभी लोग इस बच्ची को देखने तो आए लेकिन किसी ने उसे गोद में भी नहीं लिया क्योंकि उन्हें डर था कि यह बीमारी कहीं उन्हें भी न लग जाए। 

वहीं अस्पताल ने बच्ची के इलाज का खर्च उठाने की बात कही है। बच्ची के इलाज में करीब 5,00,000 रूपए लगेंगे। अस्पताल वालों ने ही दिलीप के रहने का इंतजाम किया है। दिलीप उनके बहुत ही शुक्रगुजार है। उनका कहना है कि चाहे जो भी हो जाए वह अपनी पोती का साथ नहीं छोडेगे क्योंकि वह अपनी हालत के लिए खुद जिम्मेदार नहीं है।

NOTE: संजीवनी टुडे Youtube चैनल सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करे !

 जयपुर में प्लॉट ले मात्र 2.20 लाख में: 09314188188

 

 



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.