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कटी हुई उंगली को भी ऊगा देगी ये छिपकली
sanjeevnitoday.com | Wednesday, November 30, 2016 | 10:56:42 PM
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न्यूयार्क। छिपकली की कई प्रजातियाँ पाई जाती है। अक्सर लोगो के घरो में ही छिपकली दिखायी दे जाती है और लोग उसे देखकर मार देते है लेकिन लोग नहीं जानते कि वहीं छिपकली लोगो के अंग उगाने के काम आती है। वैज्ञानिकों ने वह आनुवांशिक नुस्खा खोज निकाला है, जो छिपकली में अंग के पुनर्निमाण के लिए कारक है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आनुवांशिक सामग्रियों के सही मात्रा में मिश्रण से यह संभव हो सकता है। छिपकली की पूंछ प्राचीन समय से मानवजाति को आकर्षित करती रही है। छिपकली की पूंछ का खुद से झडऩा और फिर नई पूंछ उग आना मनुष्य के लिए कौतूहल का विषय रहा है। लेकिन वैज्ञानिकों ने अब इस रहस्य का पता लगा लिया है कि आखिर कैसे छिपकली नई पूंछ उगा सकती है।


एरीजोना स्टेट यूनिवर्सिटी की केनरो कुसुमी ने कहा है कि दरअसल छिपकली में भी वही जीन होते हैं जो मनुष्यों में होते हैं। वे मनुष्यों की शारीरिक संरचना से सबसे ज्यादा मेल खाने वाले जीव हैं। छिपकली में पाए जाने वाले अंग पुनर्निमाण के आनुवांशिक नुस्खे का पता लगाकर उन्हीं जीन को मानव कोशिका में आरोपित कर उपास्थि, मांसपेशी और यहां तक कि रीढ़ की हड्डी की पुर्नसरचना भविष्य में संभव हो सकती है। जर्नल 'पीएलओएस ओनएई' में प्रकाशित शोध में कहा गया कि इस खोज से रीढ़ की हड्डी की चोट, जन्म संबंधी विकृतियां और गठिया जैसे रोगों को ठीक करने में मदद मिल सकती है।कुसुमी ने कहा है कि अंग की पुर्नसरचना में शामिल जीनों के पूरी जानकारी हासिल कर अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से हम इस रहस्य को सुलझा सकते हैं कि आखिर छिपकली की पूंछ के दोबारा उगने के लिए जीनों को किन-किन कारकों की आवश्यकता होती है।

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